हिन्दी भाषा का इतिहास वस्तुत हमारी भाषा का नाम हिंदी ईरानियों की देन है। संस्कृत की स ध्वनि फ़ारसी में ह बोली जाती है ; जैसे सप्ताह को हप्ताह सिंधु को हिन्दू { सिंधु नदी के कारण ही हिन्दू शब्द की उत्पत्ति हुई } । कालांतर में सिंधु नदी के पार का सम्पूर्ण भाग हिन्द कहा जाने लगा तथा हिन्द की भाषा हिंदी कहलायी। हिन्दी भाषा का इतिहास लगभग एक हजार वर्ष पुराना माना गया है। सामान्यतः प्राकृत की अन्तिम अपभ्रंश अवस्था से ही हिन्दी साहित्य का आविर्भाव स्वीकार किया जाता है। उस समय अपभ्रंश के कई रूप थे और उनमें सातवीं - आठवीं शताब्दी से ही ' पद्य ' रचना प्रारम्भ हो गयी थी। हिन्दी भाषा व साहित्य के जानकार अपभ्रंश की अंतिम अवस्था ' अवहट्ट ' से हिन्दी का उद्भव स्वीकार करते हैं। चन्द्रधर शर्मा ' गुलेरी ' ने इसी अवहट्ट को ' पुरानी हिन्दी ' नाम दिया। साहित्य की दृष्टि से पद्यबद्ध जो रचनाएँ मिलती हैं ...